Friday, August 8, 2008

उदास िदन

बेहद उदास था आज का िदन
खुद से रूठा हुआ अनमना-सा
िदल पर कुछ बोझ उठाए
वजनी सांसों को ढोता हुआ
शाम को थका-हाराबैठा सुस्ताता िदन
रात के आगोश मेंचैन से पडा सो रहा है, देखो
बेहद उदास थागुजरा हुआ आज का िदन...

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